जानिए कबसे है नवरात्रि शुरू, समापन और महाअष्टमी तिथि समेत नवरात्रि की कई जानकारी

एक वर्ष में दो बार छह माह की अवधि के अंतराल पर नवरात्रि आती हैं. मां दुर्गा को समर्पित यह पर्व हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. प्रत्येक वर्ष आश्विन मास में शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि का आरंभ होता है और पूरे नौ दिनों तक मां आदिशक्ति जगदम्बा का पूजन किया जाता है. इस बार शारदीय नवरात्रि गुरुवार 7 अक्टूबर 2021 से आरंभ हो रही हैं. प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष नवरात्रि का आरंभ गुरुवार से होने जा रहा है और नवरात्रि का समापन गुरुवार 14 अक्टूबर को होने जा रहा है. ऐसे में इस साल नवरात्रि में 8 दिन की पूजा और नवें दिन विसर्जन का योग बना है क्योंकि चतुर्थी तिथि का क्षय हो गया है. इस बार चतुर्थी तिथि का क्षय होने से नवरात्र 9 की बजाय 8 दिन के ही होंगे. महाष्टमी 13 अक्टूबर को और महानवमी 14 अक्टूबर को मनाई जाएगी और दशहरा 15 अक्टूबर का रहेगा. इस साल शारदीय नवरात्रि का पर्व गुरुवार से शुरू हो रहा है. इस वजह से माता रानी इस साल ‘डोली’ पर सवार होकर आएंगी. डोली में माता का आगमन देश दुनिया और आमजनों के लिए शुभ माना जाता है. पृथ्वी के कई हिस्सों में बड़ी राजनीतिक हलचल होगी। राजनीतिक मामलों की बात करें तो माता के डोली में आगमन से सत्ता में बड़ा उथल-पुथल देखने को मिल सकता है. कई दिग्गज नेताओं की सत्ता जा सकती है. माता के डोली में आगमन से ऐसा भी माना जाता है कि किसी रोग और महामारी का नाश हो सकता है। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार इन नौ दिनों तक मातारानी पृथ्वी पर आती हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं और उनके दुखों को हर लेती हैं. नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी चंद्रघंटा कूष्मांडा स्कंदमाता कात्यायनी कालरात्रि महागौरी और सिद्धिदात्री माता की पूजा अर्चना की जाती है. इस साल शारदीय नवरात्रि नवरात्र का पर्व गुरुवार 7 अक्टूबर से शुरु हो रहा है और 15 अक्टूबर को माता के विसर्जन के साथ ही यह पर्व समाप्त हो जाएगा. नवरात्र के नौ दिन मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रुपों की पूजा की जाती है.
‘डोली’ पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा:

प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन के आधार पर मां दुर्गा की सवारी के बारे में पता चलता है. नवरात्रि में माता की सवारी का विशेष महत्व होता है. इस साल शारदीय नवरात्रि का पर्व गुरुवार से शुरू हो रहा है. इस वजह से माता रानी इस साल ‘डोली’ पर सवार होकर आएंगी. डोली में माता का आगमन देश दुनिया और आमजनों के लिए शुभ माना जाता है।
यह होगा असर
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि माता के डोली में आगमन से पृथ्वी के कई हिस्सों में बड़ी. राजनीतिक मामलों में बात करें तो माता के डोली में आगमन से सत्ता में बड़ा उथल-पुथल देखने को मिल सकता है. कई दिग्गज नेताओं की सत्ता जा सकती है. माता के डोली में आगमन से ऐसा भी माना जाता है कि किसी रोग और महामारी का प्रकोप नाश हो सकता है. माता का वहन इस बार शुभ फल की ओर संकेत दे रहा है ऐसे में रोग परेशानियों से मुक्ति के लिए नवरात्रि में श्रद्धा भाव से माता की उपासना करें और नियमित कवच कीलक और अर्गला स्तोत्र का पाठ करके यथा संभव रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्. त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति.. इस मंत्र का जप करें।
शारदीय नवरात्रि महत्व:
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि धर्म ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि मां भगवती दुर्गा की आराधना करने का श्रेष्ठ समय होता है. इन नौ दिनों के दौरान मां के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है. नवरात्रि का हर दिन मां के विशिष्ट स्वरूप को समर्पित होता है, और हर स्वरूप की अलग महिमा होती है. आदिशक्ति जगदम्बा के हर स्वरूप से अलग-अलग मनोरथ पूर्ण होते हैं. यह पर्व नारी शक्ति की आराधना का पर्व है.

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