लॉर्ड मैकाले के षड्यंत्रों पर वेद बनेंगे ब्रह्मास्त्र

लॉर्ड मैकाले के षड्यंत्रों पर वेद बनेंगे ब्रह्मास्त्र
लॉर्ड मैकाले के षड्यंत्रों पर वेद बनेंगे ब्रह्मास्त्र

लॉर्ड मैकाले के षड्यंत्रों पर वेद बनेंगे ब्रह्मास्त्र

अंग्रेजों के षड्यंत्र और आक्रंताओं की चाल ने भारत की शिक्षा पद्दधि पर गहरा आघात किया जिससे भारत को काफी नुकसान हुआ, भारत के वेदों और ग्रंथों का ज्ञान सिर्फ किताबी रह गया उनका सही से इस्तेमाल नहीं हो सका, साथ ही भारत के इतिहास उन लोगों का ज्यादा गुणगान किया गया जिन्होंने भारत को अधिक नुकशान पहुंचाया, ऐसे में भारत की शिक्षा व्यवस्था को बदने और असली योध्याओं के गुणगान के लिए लोकसभा में प्रस्ताव पेश किए गए हैं…..
बदलते भारत की नई तश्वीर में प्राचीन भारत को दर्शाने के लिए भारतीय शिक्षा प्रणाली में भारत की रीढ़ वेदों को जोड़ने की कवायद जारी है
भारतीय जनता पार्टी के सांसद विनय सहस्रबुद्धे की अगुआई वाली संसदीय समिति ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सिफारिश की है कि आने वाले दिनों में स्कूल की किताबों में वेदों को पढ़ाया जाय और स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन चरित्र को विस्तार देने का सुझाव दिया है, विनय सहस्त्रबुद्धे शिक्षा, महिला,बच्चों, युवा और खेल से संबंधित संसदीय समिति के अध्यक्ष हैं. राज्यसभा में पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि वेदों के प्राचीन ज्ञान को बच्चों के स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए.
साथ ही समिति ने ये भी सुझाव दिए हैं कि पाठ्यक्रमों में सिख और मराठा इतिहास को जोड़े जाने की जरूरत है. स्कूल पाठ्यक्रम को ‘पक्षपात मुक्त’ किया जाने का भी समिति ने सिफारिश की है
बड़ी बात ये है कि इसके अलावा राज्यों के पाठ्यक्रमों में स्थानीय हस्तियों के योगदान को शामिल करने का सुझाव दिया गया है.. एनसीईआरटी और एससीईआरटी को स्कूली पाठ्यक्रम में वेदों और अन्य महान भारतीय ग्रंथों, पुस्तकों से जीवन और समाज के बारे में प्राचीन ज्ञान, शिक्षा को शामिल किए जाने का सुझाव दिया है. नालंदा, विक्रमशिला और तक्षशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों में अपनाई गई शैक्षिक पद्धतियों का अध्ययन किया जाना चाहिए. प्राचीन भारत में नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालय थे जिन्होंने पूरी दुनियां को ज्ञान दिया, अंग्रेज और आक्रांता समझ गए थे कि ये ही विश्वविद्याल भारत की जान हैं इसलिए इन्हें या तो तोड़ दिया गया या इनको नुक्शान पहुंचाया गया क्योंकि ये ही ज्ञान के केंद्र थे… यहीं प्राचीन ज्ञान की शिक्षा दी जाती थी, लेकिन समय के साथ ज्ञान के ये सारे केंद्र या तो नष्ट हो गए या बंद कर दिए गए। लॉर्ड मैकाले ने ब्रिटिस पार्लियामंट में कहा था भारत को तभी जीता जा सकता है जब उसकी शिज्ञा व्यवस्था को बदल दें, इसके बाद अंग्रेजों ने षड्यंत्र कर भारत की शिक्षा व्यवस्था को काफी नुकशान पहुंचाया था, ऐसे में अब जब वेदों को स्कूलों के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाएगा तो ये बाहरी षड्यंत्रों के लिए ब्रह्मास्त्र साबित होगा.
संसद की कमेटी का कहना है कि विज्ञान, गणित और चिकित्सा जैसे विषयों में प्राचीन भारत के योगदान को भी स्कूली पाठ्यक्रम में उचित स्थान मिलना चाहिए और उसे एनसीईआरटी किताबों में आधुनिक विज्ञान से जोड़कर पेश किया जाना चाहिए

कमेटी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्वतंत्रता सेनानियों को भी पाठ्य पुस्तकों में जगह दिए जाने पर जोर देते हुए कहा है कि जिन्हें अभी तक उचित स्थान नहीं मिल सका है उनको आने वाली पीढ़ी समझे। इसके लिए समिति ने देश के अग्रणी इतिहासकारों के साथ उस प्रक्रिया की समीक्षा करने की ज़रूरत बताई है जिससे भारत के अलग-अलग हिस्सों से स्वतंत्रता सेनानी पाठ्य पुस्तकों में जगह

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