Film Dhamaka Review: एक जर्नलिस्ट की कहानी, क्या एक जर्नलिस्ट पर भरोसा किया जा सकता है?  

Film Dhamaka Review: एक जर्नलिस्ट की कहानी
Film Dhamaka Review: एक जर्नलिस्ट की कहानी

Film Dhamaka Review: एक जर्नलिस्ट की कहानी, क्या एक जर्नलिस्ट पर भरोसा किया जा सकता है?  

 

Film Dhamaka Review: by Rj Amit Soni


Film Dhamaka Review: कार्तिक आर्यन और मृणाल ठाकुर स्टारर फिल्म धमाका 19 नवम्बर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है… फिल्म की कहानी अर्जुन पाठक के आसपास घूमती है वो एक जर्नलिस्ट हैं। धमाका में चॉकलेटी बॉय कार्तिक बिल्कुल अलग तरह का किरदार निभा रहे हैं। हाँ जी फिल्म की कहानी न्यूज ऐंकर अर्जुन पाठक की है जिसे चैनल से डिमोट कर करके रेडियो जॉकी बना दिया जाता है। रेडियो शो के दौरान एक शख्स का कॉल आता है जिसके कारण अर्जुन के पास अपनी पुरानी पोजिशन पाने का मौका मिल जाता है। इस कॉल में एक आदमी मुंबई के बांद्रा-वर्ली सीलिंक को बम से उड़ाने की थमकी देता है। अब अर्जुन इस कॉल के जरिए अपनी पॉप्युलैरिटी बढ़ाता है या इस आदमी को पकड़वाने की कोशिश करता हैं… यह फिल्म साउथ कोरियन फिल्म ‘द टेरर लाइव’ का हिंदी रीमेक है।

क्या एक जर्नलिस्ट पर भरोसा किया जा सकता है?

यह फिल्म मुद्दा उठाती है कि क्या एक जर्नलिस्ट पर भरोसा किया जा सकता है? क्या उसका दिल भी होता है  है या वो  केवल टीआरपी के चक्कर में अपनी ज़िम्मदारी  भूल जाता है। मीडिया पर हमेशा से सवाल उठाए जाते रहे हैं और यही इस फिल्म का भी मुख्य मुद्दा है।

 

फिल्म में दिखाया गया है कि एक जर्नलिस्ट अर्जुन कैसे मुश्किल वक्त में अपनी ज़िम्मदारी , आदर्श और अपने सही काम के बारे में दोबारा सोचता है। और खास बात ये है की ये  फिल्म लॉकडाउन के दौरान केवल 11 दिन में ही  शूट हो गई थी । धमाका पूरी तरह से कार्तिक आर्यन की फिल्म है। धमाका की कहानी आपको बांधे रखती है लेकिन इसकी स्क्रिप्ट इतनी मजबूत नजर नहीं आती है। इसमें कुछ बेहद नाटकीय डायलॉग्स भी रखे गए हैं। जो की इस फिल्म में फिट नहीं है  , फ़िलहाल ये फिल्म में मीडियाकर्मियों को एक तरह से निगेटिव रूप में दिखाया गया है। इसमें मीडिया को संदेश देने की कोशिश की गई है कि आखिर उन्हें लोकतंत्र का चौथा स्तंभ क्यों कहा जाता है। इस फिल्म में राम माधवानी का डायरेक्शन जरूर अच्छा है।

 

ऐक्टिंग की बात करे तो धमाका में एक तरह से वन-मैन शो है जिसमें कार्तिक आर्यन को पूरा मौका मिला है और उन्होंने इसे बेहतर तरीके से निभाया है। भले ही कार्तिक की ऐक्टिंग उतनी अच्छी  नहीं है जितनी होनी चाहिए थी मगर उनकी मेहनत की है। वो आप इस फिल्म में देख सकते है  कार्तिक ने यह साबित किया है कि वह चॉकलेटी बॉय के किरदारों के अलावा भी अलग रोल्स निभा सकते हैं। कार्तिक की वाइफ के तौर पर कैमियो रोल में मृणाल ठाकुर को कोई खास मौका नहीं मिला है। हां, कार्तिक की बॉस के तौर पर अमृता सुभाष की एक्टिंग जरूर जंची हैं। ऑलमोस्ट ये फिल्म ज़्यादा अच्छी तो नहीं ठीक ठाक है, इस फिल्म को मिलते है Today Xpress की तरफ से 5 में से 3 स्टार… 

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