जानिए, साल 2022 में कब-कब लगेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण…

जानिए, साल 2022 में कब-कब लगेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण...
जानिए, साल 2022 में कब-कब लगेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण...

जानिए, साल 2022 में कब-कब लगेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण…


Report By- Vanshika Singh


नई दिल्ली- ग्रहण एक ऐसा नाम है जिसको हम बचपन से सुनते आ रहे है… हिंदू धर्म में ग्रहण का बड़ा ही विशेष महत्व है… सुर्य और चंद्र के दौरान राहु और केतु का प्रकोप पृथ्वी पर रहता है, जिसका चिरकाल में समुद्र मंथन के समय भगवान श्रीहरि विष्णु जी ने अमृतपान करने के लिए वध कर दिया था… इसके बाद राहु और केतु को चन्द्रमा और पृथ्वी की छाया में स्थान दिया गया है… हिंदू धर्म के अनुसार ग्रहण को बेहद महत्वपूर्ण घटना के तौर पर देखा जाता है, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अमावस्या को सुर्य ग्रहण और पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण लगता है… इस दिन कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए…क्यों इस समय सूतक काल रहता है…. अब सवाल ये उठता है कि आखिर ये सूतक काल होता क्या है…और कैसे एक आम आदमी इसकी गणना करें… दरअसल सूर्य हो या चंद्र ग्रहण दोनों ही स्थिति में ग्रहण के पहले का जो समय होत है वो अशुभ माना जाता है… इसे ही सूतक कहा जाता है… इस दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक काम नहीं करना चाहिए… क्योंकि इस सूतक काल के दौरान शुभ काम शुरू करने पर अशुभ फल मिल सकता है… चलिए अब आपको बताते हैं कि कैसे होती है सूतक काल की गणना?…

सूतक काल की गणना के लिए पहले सूर्य या चंद्र ग्रहण की तिथि के साथ समय का सटीक ज्ञान होना बेहद जरूरी है क्योंकि जब सूर्य ग्रहण के सूतक काल की गणना करते हैं तो ग्रहण से ठीक 12 घंटे पहले से उसका सूतक काल शुरू हो जाता है और ग्रहण समाप्त होने के बाद सूतक काल पूरा होता है… ठीक इसी तरह चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से ठीक नौ घंटे पहले शुरू होता है और ग्रहण खत्म होने के साथ ही समाप्त हो जाता है… दरअसल ग्रहण के समय सूर्य और चंद्रमा राहू और केतु के प्रभाव की वजह से काफी कमजोर हो जाते हैं, जिसका प्रभाव सभी पर पड़ता है… यही वजह है की जब सूर्य या चंद्रमा पर ग्रहण लगता है तब उनकी शांति के लिए कई तरह के प्रयास किए जाते हैं… हिन्दू धर्म के तहत इन दो महत्वपूर्ण ग्रहों को पीड़ा से मुक्त करने के लिए मंत्रोच्चारण से लेकर दान-पुण्य करने का विधान है…हालांकि विज्ञान इन बातों से कोई वास्ता नहीं रखता और ग्रहण को एक सामान्य खगोलीय घटना के तौर पर हे देखता है, लेकिन फिर भी इसे आम समझने की भूल नहीं करनी चाहिए… खासकर गर्भवती स्त्रियों को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती हैं… सूर्य और चंद्र ग्रहण हर साल लगते हैं, साल 2022 में किस-किस दिन और किस-किस समय पर ये ग्रहण लगेंगे आइए आपको बतातें हैं…

साल 2022 के पहले सूर्य ग्रहण की बात करें तो इस साल 2 सूर्य ग्रहण होंगे… पहला ग्रहण 30 अप्रैल को होगा जो कि आंशिक होगा… और वृषभ राशि पर लगेगा… ये सूर्य ग्रहण दक्षिण और पश्चिम-दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक और अंटार्कटिका महासागर जैसे क्षेत्रों से दिखाई देगा… आंशिक होने की वजह से भारत में इसका प्रभाव नहीं है और सूतक के नियमों का पालन करना भी अनिवार्य नहीं होगा… भारतीय समय के अनुसार ये सुर्य ग्रहण 30 अप्रैल दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से शाम के 4 बजकर 7 मिनट तक रहेगा…

अब बात दूसरे सूर्य ग्रहण की

इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 25 अक्टूबर 2021 को होगा, ये भी आंशिक ही होगा जिसका प्रभाव यूरोप, साउथ-वेस्ट एशिया, नॉर्थ-ईस्ट अफ्रीका और अटलांटिक महासागर से देखा जा सकेगा… भारत में इस ग्रहण का प्रभाव और सूतक काल के कोई मायने नहीं रहेंगे… भारतीय समय के अनुसार दूसरा सूर्य ग्रहण शाम 4 बजकर 29 मिनट से 5 बजकर 42 मिनट रहेगा…

वहीं बात अगर पहले चंद्र ग्रहण की करें तो

इस साल का पहला चंद्र ग्रहण 16 मई को होगा जो साउथ-वेस्ट यूरोप, साउथ-वेस्ट एशिया, अफ्रीका, नॉर्थ अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों, साउथ अमेरिका, प्रशांत महासागर, हिंद महासागर अंटार्कटिका और अटलांटिक महासागर से दिखाई देगा… भारतीय समय के अनुसार ये ग्रहण सुबह 7 बजकर 2 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 तक रहेगा.. ये पूर्ण चंद्र ग्रहण है और भारत में भी इसका प्रभाव रहेगा… जिससे कि इसका सूतक काल और ग्रहण के जो नियम है वो भारत में भी मान्य होंगे…

दूसरा चंद्र ग्रहण

इसा साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 8 नवंबर 2022 को होगा…इस ग्रहण को नॉर्थ-ईस्ट यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, नॉर्थ अमेरिका, साउथ अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों, प्रशांत, अटलांटिक, आर्कटिक, अंटार्कटिका और हिंद महासागर जैसे क्षेत्रों में आसानी से देखा जा सकेगा… भारतीय समय के अनुसार ये ग्रहण दोपहर 1 बजकर 32 मिनट से शुरु होकर शाम 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगा…

अब यहां एक बात और हम आपकों बता दें कि इस दिन हमे क्या करना चाहिए और क्या नहीं?…

ग्रहण के सूतक काल के दौरान कम से कम बोलें…और भगवान की भक्ति में मन लगाएं… भगवान का ध्यान कर पूजा करें, ग्रहण से मन में भटकाव से गुस्सा आ सकता है…इसलिए सूतक काल के दौरान ग्रहण संबंधित ग्रह का शांति पाठ करें और मंत्रों का जप करें… सूतक काल के समय जितना मुमकिन हो योग और ध्यान करें… ऐसा करने से मानसिक शक्ति का विकास होगा… सूतक काल में खाना न बनाएं, अगर बन चुका है तो तुलसी के पत्ते डालकर रख दें… चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्र मंत्रों का जप और सूर्यग्रहण के दौरान सूर्य मंत्रों का जप आपको लाभ देगा… ग्रहण के समय होने वाली पूजा में मिट्टी के दीए इस्तेमाल करें… सूतक पूरा होने पर घर साफ कर दोबारा स्नान और पूजा पाठ करें… ग्रहण खत्म होने के बाद घर और पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़क कर उन्हें शुद्ध कर दें… सूतक काल में गर्भवती महिला को घर से बाहर नहीं जाना चाहिए… ग्रहण की छाया गर्भ में पल रहे शिशु पर न पड़े… शास्त्रों के अनुसार सूतक काल में दांत साफ करना या बालों में कंघी नहीं करनी चाहिए… साथ ही बीमार नहीं हैं तो सोने से बचना चाहिए… सूतक काल में पवित्र मूर्ति को छूना अशुभ माना गया है… काम या क्रोध जैसे नकारात्मक विचारों को मन में न आने दें…

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