Krishi Kanoon: अध्यादेश से लेकर कृषि कानूनों की वापसी तक जाने कब क्या हुआ?

अध्यादेश से लेकर कृषि कानूनों की वापसी तक जाने कब क्या हुआ
अध्यादेश से लेकर कृषि कानूनों की वापसी तक जाने कब क्या हुआ

Krishi Kanoon: अध्यादेश से लेकर कृषि कानूनों की वापसी तक जाने कब क्या हुआ?

नई दिल्ली: पीएम मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र को संबोधित करते वक्त एक बड़ा ऐलान किया… दरअसल पीएम मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान क्या किया देशभर में सियासत तेज हो गई… पक्ष-विपक्ष के तमाम नेताओं की प्रतिकिया आने लगी… बता दें कि मोदी सरकार पिछले साल कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए तीनों कानून लेकर आई थी… जबकि कई किसान संगठन इन कानूनों का लगातार विरोध कर रहे थे… तो आपको रुबरु करते हैं कृषि बिल को संसद में पेश करने से लेकर उनके वापस होने के एलान तक क्या कुछ हुआ…

19 नवंबर, 2021

गुरु नानक जयंती के मौके पर पीएम मोदी ने तीनों कृषि कानून वापस लेने का एलान किया.

15 सितंबर, 2021

किसान आंदोलन के चलते बंद पड़े सिंघु बॉर्डर पर रास्ता खुलवाने के लिए सरकार ने प्रदेश स्तरीय समिति का गठन किया.

7 सितंबर, 9 सितंबर, 2021

बड़ी संख्या में किसान करनाल पहुंचे और मिनी सचिवालय का घेराव किया.

जुलाई 2021

करीब 200 किसानों ने कृषि कानूनों की निंदा करते हुए संसद भवन के पास किसान संसद के समानांतर सत्र शुरू किया.

06 मार्च 2021

दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के प्रदर्शन को 100 दिन पूरे. 

06 फरवरी 2021

विरोध करने वाले किसानों ने तीन घंटे के लिए देशव्यापी ‘चक्का जाम’ किया.

26 जनवरी 2021

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने दिल्ली में निकाली ट्रैक्टर परेड, आंदोलनकारियों और पुलिस में झड़प.  

22 जनवरी 2021

11वें दौर की वार्ता, अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हुए किसान, सरकार ने दिखाया सख्त रुख 

21 जनवरी 2021

10वें दौर की वार्ता, सरकार ने डेढ़ साल तक तीनों कानूनों को स्थगित करने का रखा प्रस्ताव, एक संयुक्त समिति बनाने की कही बात, बेनतीजा रही वार्ता.

15 जनवरी 2021

नौवें दौर की वार्ता भी रही बेनतीजा, प्रदर्शनकारी किसान कानूनों को पूरी तरह से रद्द करने की मांग पर अड़े, सरकार ने आवश्यक संशोधनों की कही बात.

12 जनवरी 2021

सुप्रीम कोर्ट ने तीन कृषि कानूनों पर लगाई रोक, एक कमेटी का किया गठन, कमेटी से कोर्ट ने दो महीने में रिपोर्ट देने को कहा

8 जनवरी 2021

8वें दौर की बैठक में किसानों ने किया साफ, ‘घर वापसी’ तभी, जब तीनों कृषि कानून होंगे वापस.

4 जनवरी 2021

7वें दौर की वार्ता रही विफल, किसान नेता तीन कृषि कानूनों को रद्द करने पर अड़े रहे, सरकार ने किया इनकार. 

26 नवंबर, 2020

किसानों ने 3 नवंबर को देशव्यापी सड़क नाकेबंदी का एलान, 26 नवंबर तक किसानों के गुट दिल्ली की ओर बढ़े तो हरियाणा के अंबाला में उन्हें तितर-बितर किया, पुलिस ने उत्तर-पश्चिम दिल्ली के निरंकारी मैदान में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए दिल्ली में प्रवेश की दी अनुमति.

30 दिसंबर 2020

सरकार और किसान नेताओं के बीच छठे दौर की बातचीत, केंद्र ने पराली जलाने से संबंधित अध्यादेश में किसानों के खिलाफ एक्शन न लेने और प्रस्तावित बिजली संशोधन कानून को लागू न करने पर जताई सहमति.

21 दिसंबर 2020

किसानों की सभी विरोध स्थलों पर एक दिवसीय भूख हड़ताल, 25 से 27 दिसंबर तक हरियाणा में राजमार्गों पर टोल वसूली रोकने का एलान.

16 दिसंबर 2020

बॉर्डर बंद की वजह से यात्रियों को होने वाली परेशानी को लेकर SC याचिका पर सुनवाई, मामले को सुलझाने के लिए कमेटी गठित करने का सुझाव, अदालत ने किसानों के अहिंसक विरोध प्रदर्शन के अधिकार को किया स्वीकार.

8 दिसंबर 2020

प्रदर्शनकारी किसानों ने की भारत बंद की अपील, पंजाब और हरियाणा में दिखा सबसे ज्यादा असर, किसानों के भारत बंद का विपक्षी दलों ने किया समर्थन, शाम को बैठक नहीं रही सफल.

5 दिसंबर 2020

किसानों और सरकार के बीच हुई 5वें दौर की बातचीत, बैठक में किसान नेताओं ने रखा मौन व्रत, सरकार से हां या न में मांगा जवाब.

3 दिसंबर 2020

8 घंटे की मैराथन बैठक, लेकिन नहीं निकला कोई नतीजा, केंद्रीय नेताओं ने कानूनों में खामियों को दूर करने की कही बात, एमएसपी और खरीद सिस्टम को लेकर रखे कई प्रस्ताव, लेकिन नहीं निकला कोई हल.

एक दिसंबर 2020

कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार ने दिया कमेटी बनाने का प्रस्ताव, 35 किसान संगठनों ने नहीं किया स्वीकार, किसान संगठनों और कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर के बीच बेनतीजा रही वार्ता.  

14 सितंबर, 2020

कृषि कानून बिल लोकसभा में पेश, 17 सितंबर, 2020 को पास हुआ बिल, देशभर में किसानों के विरोध प्रदर्शन शुरू

 


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