निर्मला सीतारमण की नई घोषणा, आयकर को किया जाएगा व्ययकर…

निर्मला सीतारमण की नई घोषणा, आयकर को किया जाएगा व्ययकर...
निर्मला सीतारमण की नई घोषणा, आयकर को किया जाएगा व्ययकर...

निर्मला सीतारमण की नई घोषणा, आयकर को किया जाएगा व्ययकर…


Report By- Vanshika Singh


नई दिल्ली- र्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन पैकेज का देश की वित्तीय स्थिति पर बोझिल प्रभाव पड़ता है. दूसरी ओर, कर सुधारों के माध्यम से प्रोत्साहन, लोंग टर्म तरीके से आर्थिक लचीलापन स्थापित करने में अधिक प्रभावी होगा. 2022-23 के वार्षिक बजट को औपचारिक रूप देने के लिए भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, हितधारकों से इनपुट मांग रही है. आपको बता दें कि व्यक्तिगत आयकर के लिए एक नई अवधारणा पर जोखिम लेने का यह उच्च समय है. डायरेक्ट टैक्स का सुधार व्यय कर के रूप में किया जाएगा. यह आयकर का विकल्प होगा, जो प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

व्यक्तिगत आयकर समाप्त कर दिया जाएगा तो 6 करोड़ से ज्यादा लोग वार्षिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने के बोज से मुक्त हो जाएंगे. आयकर नियमों के रिटर्न दाखिल करने के समय पर लोगों को कई विभिन्न रिकॉर्ड दिखाने और जमा करने की आवश्यकता होती है. आयकर विभाग की ओर से लाखों रिटर्न की जांच की जाती है, जिसके बाद पूछताछ, स्पष्टीकरण, धनवापसी और लंबा पत्राचार होता है. जब पर्सनल इनकम टैक्स को समाप्त कर दिया जाएगा, तो टीडीएस का अनुपालन करने वाली कई संगठनों को सभी रिटर्न जमा करने के बोज से मुक्ति मिल जाएगी.

यूनाइटेड अरब एमिरेट्स, कतर, ओमान, कुवैत, केमैन आइलैंड्स, बहरीन, बर्मुडा, सउदी अरब और ब्रुनेई दारुशेलम उन देशों में से है, जहां आपको आयकर का भुगतान नहीं करना पड़ेगा. वहीं दूसरी ओर, इन देशों के लोगों को सामाजिक सुरक्षा में अपना योगदान करना आवश्यक है. इनकम टैक्स मुख्य रूप से मध्यम वर्ग के लोगों की ओर से भुगतान किया जाता है. अमीरों के लिए, वेतन के अलावा पूंजीगत लाभ आय का एक मुखय साधन है. आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 5 करोड़ में से सिर्फ 8,600 लोगों ने ही सालाना आय घोषित की है. वेतन वर्ग ही आयकर का भुगतान करते है और बाकी की आय खर्च कर लेते है, जबकि बीन वेतन वाले वर्ग अपनी टैक्स देयता को कम करने के लिए कई और चीजों पर पैसा खर्च करते है. चीज़े जैसे फोन, बिजली, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय यात्रा, पानी और कई अन्य खर्चे व्यापार और पेशेवर श्रेणी के तहत कर-कटौती योग्य है.

दरअसल लोग करों का भुगतान करने से बचने की आदत होती है, जो एक अपराध भी है. एक समानांतर काले धन प्रणाली है जो रियल एस्टेट और सोने से होता है. व्यक्तिगत इनकम टैक्स को व्यय कर से बदल दिया जाएगा, तो वास्तविक आय की टैक्स चोरी के माध्यम से काले धन को परिवर्तित करने का कोई अवसर नहीं मिलेगा और सभी राजस्व उत्पादक आर्थिक कारणों से उपलब्ध होंगे. अगर कोई काले धन को वैध रूप से जमा करने के लिए बैंक में लाता है, तो धन की आपूर्ति और इस प्रकार उत्पादकता में काफी वृद्धि होगी.

बता दें कि इसके परिणामस्वरूप बैंक ऋण देने की क्षमता में भी काफी वृद्धि होगी. भारत आयकर को व्यय कर से बदलने पर विचार कर रहा है. इनकम-आधारित से व्यय-आधारित आयकर की ओर जाने से न केवल गैर-समावेशी आयकर के नकारात्मक प्रभावों और अन्यायों को कम किया जा सकेगा, बल्कि यह बेकार की खपत पर भी अंकुश लगाएगा और अब के प्रणाली की तुलना में बचत को काफी हद तक प्रोत्साहित करेगा, यह सरकार का दावा है. व्यय कर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की अपार संभावनाओं के साथ एक खेल बदलने वाली नीति होगी.

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