कोरोना का नया वेरिएंट, जानिए भारत में इस वेरिएंट से कितना खतरा

कोरोना का नया वेरिएंट, भारत में कितना खतरा
कोरोना का नया वेरिएंट, भारत में कितना खतरा

कोरोना का नया वेरिएंट, भारत में कितना खतरा

कोरोना के नए वेरिएंट ने दुनियाभर को एक बार फिर से दहशत में डाल दिया है, कोरोना दुनिया के कई देशों में जहां ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ता जा रहा है वहीं भारत में भी अब इसके डर से सतर्कता बरती जा रही है। बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए नई गाईडलाईन बनाई गई हैं, एयरपोर्ट से लेकर बस अड्डो तक जांच बढ़ा दी गई है। कई राज्यों ने स्वतंत्र तौर पर दिशानिर्देश भी जारी कर दिए हैं। कोरोना के खतरे को देखते हुए पहले से बेहाल महाराष्ट्र ने यात्रियों के लिए क्वारंटीन अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों के लिए कोरोना की आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य कर दिया है। भारत में कोरोना की पहली और दूसरी लहर में काफी जानमाल का नुकशान हुआ है, साथ ही आर्थिक तौर भी काफी नुक्सान हुआ है, बड़ी बात ये है कि भारत की जनता कोरोना को तब तक सीरियस नहीं लेती जब तक वो खुद इसकी शिकार नहीं होती, कोरोना के इस वेरिएंट के बाद भारत के कई राज्यों ने पहले सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है औऱ कई राज्यों ने अपने नए नियम बनाने शुरू कर दिए हैं.

ओमीक्रोन पर दुनिया भर के डॉक्टरों में क्यों पैदा हुआ डर

कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन को लेकर दुनियां भर के डॉक्टर बड़े खतरे का अंदेशा जता रहे हैं । डॉक्टरों का मानना है कि ओमीक्रोन वेरियेंट के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ेगी। ओमीक्रोन को लेकर मिल रही वैज्ञानिक जानकारियां चिंता बढ़ाने वाली हैं। ओमीक्रोन वेरिएंट के खतरे को देखते हुए भारत में कोवैक्सिन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने कहा कि वो इस पर रिसर्च कर रही है कि उसका टीका ओमीक्रोन वेरिएंट पर असरदार रहेगा या नहीं। साथ ही भारत बायोटेक ने कहा है कि उनकी वैक्सीन वुहान में मिले मूल वेरिएंट पर आधारित है। अभी तक यह बाकी वेरिएंट के मामले में असरदार रही है।

WHO ने ओमीक्रोन को लेकर आखिर क्या दी है चेतावनी

उधर WHO का कहना है कि पिछले दो सालों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज की जो पद्धतियां इजाद की गई हैं, उनका ओमीक्रोन मरीजों के लिए भी उपयोगी साबित होना चाहिए। ओमिक्रॉन को अब तक का सबसे तेज म्यूटेशन वाला वायरस कहा जा रहा है। WHO ने इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न की कैटेगरी में रखा है। इसके स्पाइक प्रोटीन में ही 30 म्यूटेशन हो चुके हैं। दरअसल, स्पाइक प्रोटीन के जरिए ही वायरस इंसान की कोशिकाओं में घुसने के रास्ते को खोलता है। वैक्सीन स्पाइक प्रोटीन के खिलाफ ही एंटीबॉडी तैयार करके शरीर को इसके खिलाफ लड़ने के लिए तैयार करती है।

 

 


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