पारादीप पोर्ट ने “नाविक: नौवहन के भविष्य के मूल में” पर 44वां विश्व समुद्री दिवस मनाया

नई दिल्ली। पारादीप पोर्ट ने “नाविक: नौवहन के भविष्य के मूल में” विषय पर आज 44वां विश्व समुद्री दिवस मनाया। इस अवसर पर पारादीप पोर्ट ट्रस्ट (पीपीटी) में कैप्टन एसी साहू, हार्बर मास्टर ने समुद्री विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और उड़ीसा मैरीटाइम अकादमी के छात्रों की उपस्थिति में समुद्री साइट कार्यालय में विश्व समुद्री दिवस का झंडा फहराया।

कोविड-19 महामारी के संक्रमण के खतरे के कारण, इस वर्ष विश्व समुद्री दिवस का आयोजन सीमित तरीके से किया गया। इस दिन का महत्व समुद्री क्षेत्र के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के महत्व पर जोर देना और समुद्री सुरक्षा, समुद्री रक्षा और समुद्री पर्यावरण के प्रति इसके योगदान पर जोर देना है।

सरल तरीके से यह समझाया जा सकता है कि विश्व के आर्थिक विकास के लिए सुरक्षित, विश्वसनीय और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से वाणिज्यिक समुद्री परिवहन करने के लिए विश्व समुद्री दिवस मनाया जाता है।

विश्व समुद्री दिवस पहली बार 17 मार्च, 1978 को 1958 में आईएमओ के पहले सम्मेलन को लागू करने के अवसर को चिह्नित करने के लिए मनाया गया था। तब से हर साल सितंबर के अंतिम सप्ताह के दौरान विश्व समुद्री दिवस विश्व स्तर पर मनाया जाता है।

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