इन दो तस्वीरों ने किया राजनीतिक पंडितों को परेशान?

इन दो तस्वीरों ने किया राजनीतिक पंडितों को परेशान
इन दो तस्वीरों ने किया राजनीतिक पंडितों को परेशान

इन दो तस्वीरों ने किया राजनीतिक पंडितों को परेशान?

इन दिनों दो तस्वीरों ने राजनीतिक पंडितों सहित राजनीतिक पार्टियों को भी परेशन करके रखा है, एक तस्वीर है यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पीएम मोदी के साथ, तो दूसरी तस्वीर है उत्तराखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की एक साथ मुस्कुरा रही तस्वीरें जब से ये दोनों तस्वीरें वायरल हो रही हैं तो लोग इन तस्वीरों पर अपनी अलग अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, मोदी योगी की तस्वीर को देख लोग यो अनुमान लगा रहे हैं कि किसान विल वापसी के बाद पीएम मोदी ने ठान लिया है कि कुछ ऐसा चक्रव्यू रचा जाए कि आने वाले विधानसभा चुनाव में मोदी योगी के चक्रव्यू में बाकी पार्टियां फंसकर बस हाथमलती रह जाए, योगी आद्त्यनाथ ने पीएम मोदी के साथ तस्वीरें साझा करते हुए कहा लिखा था ”जिद है एक सूर्य उगाना है एक नया भारत बनाना है”

 

“हम निकल पड़े हैं प्रण करके

अपना तन-मन अर्पण करके

जिद है एक सूर्य उगाना है

अम्बर से ऊँचा जाना है

एक भारत नया बनाना है”

 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक तस्वीर साझा की. जिसके बाद विपक्ष ने तंज कसने शुरू कर दिए हैं. अखिलेश यादव ने लिखा कि बेमन से कंधे पर रख हाथ, कुछ कदम संग चलना पड़ता है. वहीं, कांग्रेस ने कहा कि निकल पड़े हैं या निकाला जा रहा है…

खैर बयानबाजी चाहे कुछ भी हों इस तस्वीर ने यूपी में सियासत तक रही राजनीतिक पार्टियों की हवाएं उड़ा दी हैं नेता समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर इसकी काठ क्या होगी, क्योंकि यूपी ही नहीं देश की जनता इसे खूब पसंद कर सोशल मीडिया में शेयर कर रही है.

अब बात दूसरी तस्वीर जो की जो उत्तराखंड से आई है

आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड में भी विधानसभा चुनाव होने हैं, कांग्रेस को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी पूरे उत्तराखंड में घूम-घूमकर पार्टी का प्रचार कर रहे हैं, इसी दौरान एक तस्वीर ने उत्तराखंड के राजनीतिक पंडितों को परेशान कर दिया है,

तस्वीर है हरीश रावत की पूर्व बीजेपी के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के साथ मुस्कुराती फोटो, जैसा कि कयास पहले से ही लगाए जा रहे थे कि बीजेपी के अंदर त्रिवेन्द्र सिह रावत को ज्यादा लोग पसंद नहीं करते और मुख्यमंत्री के पद से हटने के बाद उन्हें साइड लाईन कर दिया गया है, ऐसे में चुनाव से पहले दल बदल की इस्थितियों को देखते हुए कहा जा रहा है कि कहीं ये मुलाकात दोनों रावतों को एक खेमे में तो खड़ा नहीं कर रही है, वैसे भी चुनाव से पहले राजनीतिक पार्टियों में नेताओं का आना जाना लगा रहता है, अगर इस तस्वीर की ऑफिसियल बयानबाजी की बात करें तो हरीश रावत ने लिखा कि ये एक इत्तेफाक है कि हम दोनों मिले, त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी कहा कि हम एकाएक मिले लेकिन अटकलें किस ओर जाएंगी ये देखना शेष है?

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