Ratan Tata : 84 साल के रतन टाटा आज भी युवाओं के लिए क्यों हैं आदर्श ?

84 साल के रतन टाटा आज भी युवाओं के लिए क्यों हैं आदर्श
84 साल के रतन टाटा आज भी युवाओं के लिए क्यों हैं आदर्श

Ratan Tata : 84 साल के रतन टाटा आज भी युवाओं के लिए क्यों हैं आदर्श ?

Ratan Tata: टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा 84 साल के हो गए…उन्होंने जिस तरह अपना जीवन मूल्यों और नैतिकता के साथ जीया है, वह सभी के लिए आश्चर्य की बात है… रतन टाटा जब 7 वर्ष के थे तो उनके पैरेंट्स अलग हो गए. उनका पालन-पोषण उनकी दादी ने किया… उन्होंने कई बार मूल्यों के लिए पेशेवर और व्यक्तिगत स्वार्थों को तिलांजलि दे दी…उनके बारे में केवल कारपोरेट शब्दों में बात करना बेमानी होगा… दरअसल 84 साल के रतन टाटा आज भी युवाओं के लिए आदर्श हैं… कॉरपोरेट ही नहीं बल्कि उन्हें स्टार्टअप की दुनिया में भी सम्मान से देखा जाता है… लेकिन हर इंसान की तरह रतन टाटा के जीवन में भी कई उतार-चढ़ाव आए… तो चलिए आपको बताते हैं उनकी जिंदगी के कुछ अनुछए पहलू…

 

रतन टाटा ने नहीं की शादी

रतन टाटा ने पूरी जिंदगी किसी से शादी नहीं की… इसका मतलब ये नहीं है कि उन्होंने कभी किसी से प्यार नहीं किया.. एक इंटरव्यू में रतन टाटा ने खुद अपनी लव लाइफ का जिक्र किया था.. उनकी जिंदगी में प्यार ने चार बार दस्तक दी लेकिन मुश्किल दौर के आगे उनके रिश्ते की डोर कमजोर पड़ गई… इसके बाद फिर कभी रतन टाटा ने शादी के बारे में नहीं सोचा… बताया जाता है कि रतन टाटा की प्रेमिका भारत नहीं आना चाहती थीं… उसी वक्त भारत-चीन का युद्ध भी छिड़ा हुआ था…. आखिर में उनकी प्रेमिका ने अमेरिका में ही किसी और से शादी कर ली…

 

हमेशा सामाजिक सरोकार से आगे रहे रतन टाटा

रतन टाटा के शुरुआती दिनों के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है, कॉर्नेल से उनका वापस जाना और फिर JRD टाटा के अलावा किसी और द्वारा कारपोरेट जीवन की जल्दबाजी में छोड़ देना, उनकी उत्सुकता के किस्से भी बताए गए हैं, यही वजह है कि टाटा ट्रस्ट, जिसके वे आज तक अध्यक्ष हैं, बड़े पैमाने पर समाज को बहुत कुछ उन्होंने लौटाया है… जल संरक्षण समाधान हो या ग्रामीण महिलाओं के लिए इंटरनेट की सुविधा कराना… रतन टाटा को उनके आचरण के लिए मानवता का अग्रदूत कहा जाए तो यह कम होगा… वह ऐसे व्यक्ति हैं, जिनकी नजर शायद हर जरूरतमंद की ओर पहले चली जाती है…वहीं पालतू जानवरों के लिए उनका अटूट प्यार एक मिला रहा है … वहीं 24 अक्टूबर 2016 को जब टाटा संस के बोर्ड ने तत्कालीन चेयरमैन साइरस मिस्त्री पर से अपना विश्वास खो दिया तो रतन टाटा से अंतरिम अध्यक्ष के रूप में कदम रखने का अनुरोध किया गया…बहुत कम लोग जानते हैं कि वे शानदार मिमिक भी हैं… साल 2021 रतन टाटा के लिए बड़ी चुनौतियों भरा रहा, इसके बावजूद उन्होंने दृढ़ता और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी प्रगति जारी रखी…

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