Teaser Review: ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ देखिए कैसी होगी ‘गंगूबाई काठियावाड़ी Film?

Teaser Review: ‘गंगूबाई काठियावाड़ी' देखिए कैसी होगी ‘गंगूबाई काठियावाड़ी Film?
Teaser Review: ‘गंगूबाई काठियावाड़ी' देखिए कैसी होगी ‘गंगूबाई काठियावाड़ी Film?

Teaser Review: ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ देखिए कैसी होगी ‘गंगूबाई काठियावाड़ी Film?


Gangubai Kathiawadi Teaser Review by Rj Amit Soni 

Teaser Review: हम बात कर रहे हैं फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के टीजर की जो रिलीज हो चुका है… हालांकि बहुत लोगों ने इसे देखा भी होगा… दरअसल इस फिल्म में लीड रोल में हैं आलिया भट्ट और अजय देवगन… लेकिन टीजर में उनकी झलक नहीं दिखी… ऐसा लगता है कि इस टीज़र में अजय देवगन को मिसस्टर इंडिया बना दिया है…जिस जोर शोर से इस फिल्म के बारे में चर्चा की जा रहीं थीं उस लिहाज से ‘खोदा पहाड़ निकली चुहिया’ जैसा मामला नजर आता है… दरअसल टीजर की शुरुआत होती है बैकग्राउंड में चल रही आवाज से… ‘कमाठीपुरा में कभी रात नहीं होती क्योंकि वहां गंगू रहती है, अब सवाल ये उठता है कि क्या गंगू जुगनू है या फिर चांद, क्योंकि गंगू की मने तो वो चांद थी और चांद ही रहेगी…

 

तो चलिए सबसे पहले बात करते हैं उस शख्स की जिसपर ये फिल्म बनाई गई है, दरअसल फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ की कहानी है मुंबई के कमाठीपुरा इलाके में कोठा चलाने वाली एक दिलेर औरत की है जिसकी पहुंच मुंबई के उस वक्त के डॉन करीम लाला तक थी… यह कहानी गुजरात की एक भोली-भाली लड़की के माफिया क्वीन गंगूबाई काठियावाड़ी बनने की है… गंगूबाई ने सेक्स वर्कर्स के लिए बहुत काम किया, मुंबई के आजाद मैदान में दिए एक भाषण में उन्होंने कहा था कि अगर कमाठीपुरा की औरतें न हों, तो मुंबई की सड़कें औरतों के लिए असुरक्षित हो जाएंगी, टीजर में आजाद मैदान की झलक भी दिखाई गई है…

अब बात करते हैं टीजर में दिखी आलिया की । देवदास में ऐश्वर्या, माधुरी और पद्मावत में दीपिका ने जो जोहर दिखाया था गंगूबाई में आलिया के होने की वजह से वो जोहर भी गायब है। टीजर के साथ समस्या ये है कि देखने वाले गंगूबाई और आलिया को आपस में कनेक्ट नहीं कर पा रहे है । ऐसा लग रहा है आलिया के चेहरे से बचपना झलक रहा है। कुछ लोगो ने ये भी बोला की चॉकलेट खाने की उम्र मैं डॉन नहीं बनते मेडम, और मेडम आप इस रोल मैं फिट नहीं दिख रही है गज़ब बेज़्ज़ती है।।।।

इस फिल्म में आपको बेहतरीन सिनेमैटोग्रफी देखने को मिलेगी हालांकि इसका इस्तेमाल फिल्म में आलिया भट्ट को बस सुंदर दिखाने के लिए किया गया है… सुंदरता और भव्यता पर सारा फोकस रखने के चक्कर में ऐसा लगता है भंसाली जी ने फिल्म की कहानी पर ध्यान ही नहीं दिया, ऐसा लगता है संजय लीला भंसाली ने करण जौहर की फ्लॉप फिल्म कलंक को कॉपी करने की कोशिश की है…

उधर डायरेक्टर साहब आलिया में वो रौब नहीं दिखा पाए हैं जिस तरह का रौब गंगूबाई के बारे में बताया जाता है… कुल मिलाकर सबकुछ फेक सा लगता है… ये तो आप जानते हैं किसी के जीवन पर बनी फिल्म को ऑडियंस तब तक देखना पसंद नहीं करती, जब तक कलाकार उसके पूरे हाव भाव को खुद में उतार न लें, दरअसल सिनेमा और उसको देखने वालो का रिश्ता बेहद नाजुक होता है, वह निभाना नहीं जेब से भी चुकाना पड़ता है…बस भंसाली जी यहीं चूक गए, वे ‘हम दिल दे चुके सनम’ से लेकर ‘पद्मावत’ तक बड़े पर्दे पर सिनेमा का जो जोहर गढ़ चुके हैं, गंगूबाई उसके आस पास की फिल्म भी नहीं लगती… कुल मिलकर ऑडियंस को उल्लू बनाने की कोशिश है…

 

हालांकि फिल्म का टीजर फिल्म को शानदार बताता है, बताता है लेकिन बॉक्स ऑफिस के लिहाज से ये कितनी शानदार रहती हैं इसका जवाब तो 18 Feb 2022 को फिल्म देखकर ही पता चल पाएगा…

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