Aarya 2 Review: थ्र‍िलर और इमोशंस का जबर जोड़ है सुष्मिता सेन की Aarya 2

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 Aarya 2 Review: थ्र‍िलर और इमोशंस का जबर जोड़ है सुष्मिता सेन की Aarya 2


रिपोर्ट: अमित सोनी


Aarya 2 Review: हादसों की गर्द से ख़ुद को बचाने के लिए, माँ, हम अपने साथ बस तेरी दुआ ले जायेंगे”…मशहूर शायर मुनव्वर राणा का ये शेर जीवन में मां की अहमियत बताने के लिए काफी है. मां को ममता की मूरत कहा जाता है. लेकिन ममतामयी मां तब काली देवी की तरह रौद्र रूप धारण कर लेती है, जब उसके बच्चों के साथ कोई बुरा बर्ताव करता है. इंसान हो या जानवर, हर मां अपने बच्चों से बेइंतहा प्यार करती है और उनकी रक्षा के लिए अपने जान की बाजी लगा देती है. उस मां के इस रूप के साक्षात दर्शन करना हो तो ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही बॉलीवुड एक्ट्रेस सुष्मिता सेन की वेब सीरीज ‘आर्या’ जरूर देखनी चाहिए. इसका दूसरा सीजन भी आ चुका है. राम माधवानी, विनोद रावत और कपिल शर्मा के निर्देशन में बनी इस वेब सीरीज में सुष्मिता सेन के साथ सिकंदर खेर, वर्ति वघानी, विकास कुमार, वीरेन वज़ीरानी, माया सराव, नमित दास, अंकुर भाटिया, विश्वजीत प्रधान और चंद्रचूड़ सिंह अहम किरदारों में हैं,

वेब सीरीज ‘आर्या 2’ में बॉलीवुड एक्ट्रेस सुष्मिता सेन ने एक ऐसी मां का किरदार निभाया है, जो अपने पति की हत्या के बाद तीन बच्चों के साथ जिंदा रहने के लिए संघर्ष कर रही है. वो अपने पहले पिता फिर पति उसके बाद पुलिस की मदद के सहारे अपने और बच्चों की सुरक्षा करना चाहती है, लेकिन एक वक्त ऐसा भी आता है, जब उसे लगता है कि उसकी सुरक्षा कोई कर पाएगा, तो वो खुद है. और इसके बाद एक सीधी सी दिखने वाली औरत किसी डॉन की तरह नजर आती है

पूरे वेब सीरीज मैं फोकस सिर्फ सुष्मिता सेन की किरदार ‘आर्या’ पर किया है.और सच कहु तो इस वेब सीरीज की जान आर्या है. पहले सीजन मैं अपने देखा होगा की कहानी जहां खत्म हुई थी, दूसरे सीजन की कहानी रीकैप के साथ वहीं से शुरू होती है. आर्या सरीन (सुष्मिता सेन) अपने पति तेज (चंद्रचूड़ सिंह) की हत्या के बाद देश छोड़ कर पुलिस की मदद से न्यूजीलैंड चली जाती है, ताकि अपने बच्चों को अच्छा जीवन दे सके, लेकिन वहां रशियन गैंग के खतरे को देखते हुए उसे ऑस्ट्रेलिया शिफ्ट कर दिया जाता है.

पहले ही एपिसोड में दिखाया जाता है कि आर्या के पिता जोरावर राठौर (जयंत कृपलानी) ने उनके पति की हत्या करवाई थी. वो अपने कारोबार को बचाने के लिए ऐसा करते हैं. लेकिन पीछे ड्रग्स का एक बड़ा रैकेट चलाया करते हैं. आर्या पुलिस को एक पेन ड्राइव में सारे सबूत देती है, जिसके बाद जोरावर राठौर , भाई संग्राम राठौर और उदयवीर शेखावत को जेल हो जाती है. उनका केस कोर्ट में चल रहा होता है।

 

उसके पिता शेखावत (जयंत कृपलानी) ने उसके पति की हत्या का साजिश रचते है और पूरा परिवार ड्रग्स के धंधे में उलझा था, नए सीजन की शुरुआत आर्या की वतन वापसी से होती है और उसे अपनों के खिलाफ गवाही देनी है. एसीपी यूनीस खान (विकास कुमार) आर्या को इस केस में गवाही देने के लिए ऑस्ट्रेलिया से भारत लाना चाहता है, लेकिन वो तैयार नहीं होती. और एसीपी की धमकी के बाद वो आ जाती है. राजस्थान में सेफ हाऊस में उस पर हमला हो जाता है,

इसके बाद आर्या अपने बच्चों के साथ वापस ऑस्ट्रेलिया जाना चाहती है. लेकिन पुलिस के दबाव में आकर रुक जाती है. कोर्ट में आर्य की गवाही होती है, सरकारी वकील उससे पेन ड्राइव की सच्चाई क्या है ये पूछते है, जिससे जोरावर, संग्राम और उदवीर की सजा तय होनी होती है. लेकिन आर्या अपनी बात से पलट जाती है वो अपनी बात को घुमा देती है . इस वजह से उसे पिता और भाई बाइज्जत बरी हो जाते हैं. पुलिस नाराज होकर उससे अपना सारा सपोर्ट वापस ले लेती है.

आर्या अपने परिवार और बाहर के दुश्मनों से खुद की और अपने बच्चों की रक्षा कैसे करती है आगे क्या होता है ये सब जानने के लिए आपको वेब सीरीज देखनी होगी . लेकिन इतना तो कहा जा सकता है कि 50-50 मिनट के 8 एपिसोड की ये वेब सीरीज में हर तरफ आर्या सुष्मिता सेन ही छाई होती है. वो अपने पिता, भाई और पति के दुश्मनों के साथ ड्रग्स माफियाओं के साथ जूझती है, उनसे लड़ती है,और कैसे संघर्ष करती है ये देखना बहुत ही दिलचस्प और रोचक है

इस वेब सीरीज की कहानी असाधारण नहीं है, लेकिन इसे अच्छी तरह से लिखा गया है. और हर किरदार को अच्छी तरह से लिखा गया है. जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, धीरे-धीरे ऑडियंस के लिए रोमांच बढ़ता जाता है. बैकग्राउंड म्युजिक अच्छा लगता है, खासकर ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ जैसी क्लासिक धुन को अच्छे से इस्तेमाल किया गया है. सिनेमैटोग्राफी राजस्थान की खूबसूरत वास्तुकला और शहर के शाही अंदाज को दिखाने में सफल रहता है, जो कि बहुत मजबूत पक्ष है
सुष्मिता सेन की तारीफ जितनी करो उतनी ही कम हैं, जिन्होंने आर्या के किरदार में अलग-अलग जीवन को बखूबी जिया है. एक दुखी पत्नी, डरी हुई मां और अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए अपराधियों से निपटने वाली एक सख्त महिला का भाव उनके चेहरे पर दिखता है.लेकिन वीएफएक्स के इस्तेमाल से उनको जवान दिखाने की कोशिश की गई है, जो साफ तौर पर नजर आ जाती है. कुल मिलाकर, पिछले सीजन की तरह ‘आर्या’ का दूसरा सीजन ऑडियंस को बांधे रखने में सफल है, तो एक बार देखना तो बनता हैं।

इस वेब सीरीज़ को Today Xpress से मिलते है 5 में से 3.5 स्टार

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