महाकाल को क्यों चढ़ाया जाता है भस्म? जाने इसके पीछे की वजह…

महाकाल को क्यों चढ़ाया जाता है भस्म? जाने इसके पीछे की वजह...
महाकाल को क्यों चढ़ाया जाता है भस्म? जाने इसके पीछे की वजह...

महाकाल को क्यों चढ़ाया जाता है भस्म? जाने इसके पीछे की वजह…


Report By- Abhinav Kumar


नई दिल्ली- पूरा देश आज महाशिवरात्रि का पर्व बहुत ही धूमधाम से मना रहा है। भगवान शिव को आज के दिन प्रिय वस्तु चढ़ाने से विशेष फल प्राप्त होता है। आपको बता दें कि भोलेनाथ को बेलपत्र, भांग और आक बहुत ही पसंद है। हम सब अन्य देवी देवता की तरह महाकाल को भी वस्त्र और आभूषण चढ़ाते हैं लेकिन भगवान शिव को केवल और केवल भस्म प्रिया है। भगवान शिव अपने शरीर पर सिर्फ और सिर्फ भस्म ही लगाते हैं।

शिव पुराण में यह बताया गया है कि महाकाल को क्यों इतना भस्म प्रिय है।

भगवान भोलेनाथ अपने पूरे शरीर पर हमेशा भस्म लगाए रहते हैं। भगवान शिव के भक्त हमेशा अपने माथे पर भस्म का तिलक लगाते हैं। शिव पुराण में इससे जुड़ा एक बहुत ही दिलचस्प कहानी देखने को मिलता है। उस कहानी के अनुसार एक साधु था जो घोर तपस्या करके बहुत ही शक्तिशाली हो चुका था। जिनका नाम था प्रनद इनका नाम प्रनद इसलिए पड़ा क्योंकि सिर्फ फल और हरी पत्तियां खाते थे। उस साधु ने अपनी घोर तपस्या से जंगल के सभी जीव जंतु पर अपना नियंत्रण कायम कर लिया था। एक दिन साधु जंगल में लकड़ी काट रहा था , तभी उनकी अंगुली कट गई। साधु ने देखा तो उंगली से खून की बजाय पौधे का रस निकल रहा था। साधु को इस बात का घमंड हो गया कि वह इस दुनिया का सबसे पवित्र व्यक्ति हो चुका है। जब भगवान भोलेनाथ ने किस को देखा तो वह एक बूढ़े का रूप धारण करके उस साधु के पास पहुंच गए। और फिर बूढ़े व्यक्ति के भेष में भगवान भोलेनाथ ने साधु से पूछा कि तुम इतने खुश क्यों हो तो उस साधु ने इसकी वजह बता दी।

तभी बूढ़े व्यक्ति के रूप में भगवान शिव ने तुरंत अपनी उंगली काट कर दिखाइए और उनके उंगली से खून के बजाय राख निकलना शुरू हो गया। तभी साधु को या एहसास हो गया कि उसके सामने स्वयं भगवान खड़े हैं। साधु ने इस बात के लिए तुरंत क्षमा मांगी। तभी से ऐसा कहा जाता है, कि भगवान शिव अपने शरीर पर भस्म लगाने लगे ताकि उनके भक्तों को इस बात का हमेशा एहसास रहे की अपने शारीर का अहंकार ना करें बल्कि सत्य को हमेशा याद रखें।

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